Sunday, 26 July 2015
Friday, 17 July 2015
After reading the chapter enjoy this poem on friendship
अपना मित्र वही है
भैया ! अपना मित्र वही है.
जो अवगुण से हमें बचाता,सदाचार की बात सीखाता,कष्ट और दुःख की घड़ियों में,कभी छोड़ता साथ नहीं है,भैया ! अपना मित्र वही है.
अहित किसी का कभी न करता,मीठी वाणी से मन हरता,अच्छी बात सदा बतलाता,उसका केवल ध्येय यही है
भैया! अपना मित्र वही है.
जो ऊँचे पथ पर ले जावे ,निंदा भाव हृदय न लावे,सदा दुःख में साथ निभावे.
सरस सुधा की धार वही है,भैया! अपना मित्र वही है.
जो अवगुण से हमें बचाता,सदाचार की बात सीखाता,कष्ट और दुःख की घड़ियों में,कभी छोड़ता साथ नहीं है,भैया ! अपना मित्र वही है.
अहित किसी का कभी न करता,मीठी वाणी से मन हरता,अच्छी बात सदा बतलाता,उसका केवल ध्येय यही है
भैया! अपना मित्र वही है.
जो ऊँचे पथ पर ले जावे ,निंदा भाव हृदय न लावे,सदा दुःख में साथ निभावे.
सरस सुधा की धार वही है,भैया! अपना मित्र वही है.
Saturday, 11 July 2015
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