Monday, 29 June 2015

Read and enjoy

तरबूजों का मौसम
 

 

गरमी के दिन धमा चौकड़ी
मस्ती हल्ला तुम हम
आया फिर इस साल लौट कर
तरबूज़ों का मौसम

दिन भर खेल खेल कर थकते
रात गये सुस्ताते
लंबे लंबे दिन होते और
छोटी छोटी रातें
पढ़ने से फिर लम्बी फुरसत
खरबूजों का मौसम
आया फिर इस साल लौट कर
तरबूज़ों का मौसम

छाँटो काटो मिल कर बाँटो
ठंडे ठंडे खीरे
रंग बिरंगे शरबत मीठे
पीते धीरे धीरे
चना चबेना लइया सत्तू
भड़भूजों का मौसम
आया फिर इस साल लौट कर
तरबूज़ों का मौसम

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