आज बेहन ने बड़े प्रेम से,रंग बिरंगा चौक बनाया.इसके बाद चौक के उपर,अपने भैया को बैठाया.रंग बिरंगी राखी बांधी,फिर सुन्दर सा तिलक लगाया.गोल गोल रसगुल्ला खा कर,भैया मॅन ही मॅन मुस्काया.ताल सजा कर डीप जला कर,भाई की आरती उतारी.मन्न ही मंन में केहटी बेहना,भैया रखना लाज हुमारी.करना सदा बेहन की रक्षा,भैया तुमको समझाता है.कच्चे धागों का ये बंधन,रक्षा बंधन केहलाता है
No comments:
Post a Comment